*गांव के युवक को मौत के घाट उतारने वाले दो भाईयों को सजा*

उत्तर प्रदेश(दैनिक कर्मभूमि) चित्रकूट: प्रेम प्रसंग के चलते गांव के युवक की बेरहमी से हत्या करने और शव को बोरे में भरकर नाले में फेंकने के मामले में दोष सिद्ध होने पर सत्र न्यायाधीश ने हत्यारोपी दो सगे भाईयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक को 12 हजार रूपए के अर्थदण्ड से भी दण्डित किया है।

जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्याम सुन्दर मिश्रा ने बताया कि बीती 3 अगस्त 2013 को शाम आठ बजे से मानिकपुर थाना क्षेत्र के सरैंया गांव का निवासी 22 वर्षीय युवक राजाराम पुत्र देवराज रहस्यमय तरीके से लापता हो गया था। परिजनों द्वारा लगातार ढुंढे जाने पर दो दिन बाद 5 अगस्त को राजाराम का शव गांव के बाहर नाले के पास रात आठ बजे मिला था। मृतक के बडे़ भाई चुनकावन पुत्र देवराज ने इस मामले में गांव के ही रज्जू और विश्वकर्मा पुत्रगण सुमेर के विरूद्ध हत्या और साक्ष्य मिटाने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वादी के अनुसार उसका भाई अविवाहित था और उसका एक विवाहित महिला के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस बात को लेकर गांव का ही रज्जू कई बार उसको जान से मारने की धमकी भी दे चुका था। साथ ही घटना के बाद से ही रज्जू और उसका भाई विश्वकर्मा परिवार समेत घर से गायब हो गए थे। उन लोगों ने ही राजाराम को जान से मारने के बाद बोेरे में भरकर नाले में छिपाया था।

पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद रज्जू और विश्वकर्मा के विरूद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद मंगलवार को सत्र न्यायाधीश विष्णु कुमार शर्मा ने दोनों सगे भाई रज्जू और विश्वकर्मा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक को 12 हजार रूपए के अर्थदण्ड से भी दण्डित किया है।

 

*ब्यूरो रिपोर्ट* अश्विनी कुमार श्रीवास्तव

*जनपद* चित्रकूट

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