*जनजातीय गौरव दिवस पर केवीके एवं जेएसएस ने जल शक्ति मेला का किया आयोजन*

*बाह्य विकास के साथ आंतरिक विकास पर जोर देना होगा – प्रमेश श्रीवास्तव*

उत्तर प्रदेश(दैनिक कर्मभूमि) चित्रकूट: दीनदयाल शोध संस्थान कृषि विज्ञान केंद्र गनीवां एवं जन शिक्षण संस्थान चित्रकूट के द्वारा जनजातीय गौरव दिवस व जल शक्ति मेला कार्यक्रम का आयोजन ग्राम उमरी में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मानिकपुर के उप जिलाधिकारी प्रमेश श्रीवास्तव, जिला कृषि अधिकारी आर पी शुक्ला, क्षेत्रीय अधिकारी इफको राजवीर सिंह, ग्राम प्रधान उर्मिला देवी, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डा चंद्रमणि त्रिपाठी तथा जन शिक्षण संस्थान के सहायक परियोजना समन्वयक अनिल सिंह ने वीर पुरुष बिरसा मुंडा की प्रतिमा के समक्ष दीपप्रज्वलन व माल्यार्पण से हुआ।
वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डा चंद्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि भारत का जनजाति समाज अपनी आध्यात्मिक परंपराओं विशिष्ट संस्कृति और श्रेष्ठ जीवन मूल्यों के साथ भारतीय सभ्यता और संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है, जब जब देश की सुरक्षा पर संकट आया जनजाति समाज ने अपने त्याग और बलिदान से राष्ट्र की रक्षा में अपना संपूर्ण योगदान दिया है।  जनजाति समाज के द्वारा किए गए योगदान संघर्ष और बलिदान के स्मरण के लिए आज भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस को जनजाति गौरव दिवस के रूप में हम सभी मना रहे हैं। साथ ही जल शक्ति योजना के अंतर्गत किसानों को जल संरक्षण के लिए शिक्षित करना, उन्हें बिना पानी को बर्बाद किए होने वाली सिंचाई तकनीक से अवगत कराना और जलाशयों पर निर्भर रहने के स्थान पर उन्हें वर्ष भर के लिए जल संरक्षण करना तथा उसका सिंचाई में अधिकाधिक उपयोग करने की तकनीक बताना भी इस कार्यक्रम का उद्देश्य है।
जन शिक्षण संस्थान के सहायक परियोजना समन्वयक अनिल कुमार सिंह ने कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न रोजगार परख प्रशिक्षण कार्यक्रमों व अन्य गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान कर स्वावलंबी बनने की बात कही। साथ ही स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के आधार पर हम स्वयं आत्मनिर्भर बनकर आत्मनिर्भर समाज तथा आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करें, हम सभी व्यक्तिगत जीवन मे स्वावलम्बी एवं सामाजिक जीवन मे परस्परावलम्बी बनें। गृह वैज्ञानिक ममता त्रिपाठी व सस्य वैज्ञानिक विजय गौतम ने उपस्थित महिला पुरुषों को खेती किसानी, बागवानी, जल शक्ति, पशुपालन, पोषण तथा स्वास्थ के संदर्भ में अपने विचार रखकर उन्हें जागरूक किया।
उप जिलाधिकारी मानिकपुर प्रमेश श्रीवास्तव ने कहा कि जनजाति समाज ने कभी भी अंग्रेजों की दासता को स्वीकार नहीं किया है। समय-समय पर विद्रोह और संघर्ष कर समाज को संगठित व सजग करने का अथक प्रयास किया है। हमें उनके जीवन से सीख लेकर अपने समाज व राष्ट्र को आगे बढ़ाना होगा साथ ही हमे अपने बाह्य विकास के साथ आंतरिक विकास पर जोर देना होगा। उन्होंने कार्यक्रम में सभी को शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। जिला कृषि अधिकारी आर पी शुक्ला ने शासन की कृषि एवं पशुपालन की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की और बताया कि कैसे आप सभी आगे बढ़ कर उनका लाभ ले सकते है।
इफको के राजवीर सिंह ने नैनो डीएपी यूरिया को बढ़ावा देने का बल दिया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिव पूजन कोल, आलोक गुप्ता, सतीश पाठक, सुरेश यादव, प्रभाकर मिश्रा, अंकुर त्रिपाठी एवं गणेश पटेल ने अथक परिश्रम किया। कार्यक्रम में लगभग 15 गांव से लगभग 425 आदिवासी महिला पुरुष उपस्थित रहे। आदिवासी बच्चियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये गए। कृषि विज्ञान केंद्र एवं जन शिक्षण संस्थान द्वारा कार्यक्रम में लोगो को जागरूक करने के लिए प्रदर्शनी भी लगाई गई।

*ब्यूरो रिपोर्ट* अश्विनी कुमार श्रीवास्तव
*जनपद* चित्रकूट

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