राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) चित्रकूट: मेरे जीभ में दाने उठ रहे थे लगातार इलाज भी चल रहा था पर इलाज का कोई भी फायदा नहीं हो रहा था द्य यह कहना है मानिकपुर ब्लाक के रेहुटिया गाँव निवासी कुन्ना की 55 वर्षीय पत्नी पचिनिया काद्य पचिनिया बताती है कि इसके पहले निजी चिकित्सालयों में इलाज कराने में काफी रुपए लग चुके थेद्य द्य पर जब वह जिला अस्पताल सोनेपुर में इलाज के लिए गयी तो वहां कैंसर होने की आशंका जताई गयी द्यसाथ ही वही से पता चला कि अगर आयुष्मान कार्ड बना हुआ है तो उससे इलाज हो जाएगा और उसका पूरा खर्च सरकार देगी। फिरकमला नेहरू कैंसर संस्थान प्रयागराज में जांच करायी। जिसमें कैंसर की पुष्टि हुई। कैंसर संस्थान में नवम्बर 2020 में भर्ती कर कीमोथेरेपी करवाई। पूरे एक माह प्रयागराज में ही रुककर सिंकाई कराई। इलाज में तीन लाख रूपए का इस्टीमेट बना था लेकिन आयुष्मान कार्ड की होने की वजह से उनका एक भी रुपया नहीं लगा, अन्यथा किसी से कर्ज लेना पड़ताद्य फिलहाल लार न बनने से मुंह सूखा रहने की अभी शिकायत हैद्य जिसकी दवाएं ले रही हूँ । उन्होंने अपील किया कि जिनका भी नाम लिस्ट में है वह आशा बहन जी से पता करके आयुष्मान कार्ड अवश्य बनवा लें ताकि जरूरत के वक्त इसका लाभ लें सके। जैसा इस कार्ड से लाखों रूपए का मुझे लाभ मिला।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा भूपेश द्विवेदी ने बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान कार्ड से लाभार्थी परिवार के एक व्यक्ति या कई सदस्यों का एक साल में पांच लाख रुपए तक का इलाज हो सकता है। अगले साल यदि जरूरत पडी तो फिर पांच लाख रूपए तक का इलाज नामित अस्पतालों में करा सकते हैं। इस इलाज का खर्च सरकार द्वारा देने का प्रावधान है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील किया कि जिनका लिस्ट में नाम हैं, ऐसे सभी परिवार जिला अस्पताल ,ग्राम पंचायत स्तर पर पचायत भवन सहित अन्य स्वास्थ्य इकाइयों में जाकर अविलम्ब आयुष्मान कार्ड बनवा लें। आयुष्मान कार्ड रहने से जरूरत पड़ने पर इलाज शुरू होने में देरी नहीं होगी।
नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा आर के आजाद ने बताया कि रेहुटिया गाँव निवासी पचिनिया सहित 46,00 से अधिक लोगों का इलाज आयुष्मान कार्ड से विभिन्न अस्पतालों में कराया जा चुका है। आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड के साथ राशन कार्ड ले जाना जरूरी है। यदि प्रधानमंत्री के नाम का पत्र आया है तो उसे भी ले जाएं। सभी ग्राम पंचायतों के पंचायत भवन में पंचायत सहायक से आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं। इसके साथ जिला अस्पताल, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी यह कार्ड बनवाया जा सकता है। पात्रता सूची में नाम की जानकारी गाँव में आशा बहन से की जा सकती है। इसकी लिस्ट आशा कार्यकर्ता को उपलब्ध कराई गयी है।
*ब्यूरो रिपोर्ट* अश्विनी कुमार श्रीवास्तव
*जनपद* चित्रकूट
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