राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) चित्रकूट: बालकृष्ण बायो प्लांटेक का डायरेक्टर विनोद पटेल मऊ थाने में 2015 में दर्ज मुकदमा 364, 511 आईपीसी का शातिर अपराधी निकला है। उसने अपने मामा शिवप्रसाद पटेल पुत्र रामप्रसाद पटेल निवासी बगहिया थाना कोतवाली कर्वी के साथ दुर्दांत मारे गये डकैत बलखडिया गैंग से तथागत परमार के अपहरण की साजिश रची थी।
बालकृष्ण बायो प्लांटेक की जिले समेत पडोसी जिले कौशाम्बी व मप्र के रीवां जिले में सैकडों लोगों को पेड लगाने के नाम पर ठगी का शिकार बनाया, तो खोजबीन में बालकृष्ण बायो प्लांटेक के डायरेक्टर विनोद पटेल के शातिर अपराधी होने का खुलासा हुआ। बताया गया कि मऊ थाने में सात मई 2015 को विनोद पटेल पुत्र चुनबाद पटेल निवासी जबरापुर फतेहगंज जिला बांदा व शिव प्रसाद पटेल पुत्र रामप्रसाद पटेल निवासी बगहिया थाना कोतवाली कर्वी के खिलाफ मऊ थानाध्यक्ष शिवबचन सिंह ने सिपाही शौकत खां व अरुण कुमार पाण्डेय के साथ एवरग्रीन इन्फ्राबोल्ड प्रालि विश्वास खण्ड गोमतीनगर लखनऊ के मऊ में स्थित प्लाट पर पहुंचे। वहां मौजूद विनोद पटेल से पूंछा तो उसने अपना नाम-पता उक्त बताया। उसके पास वही मोबाइल फोन मिला, जिससे तथागत परमार के अपहरण की योजना बनी थी। मौके पर पुलिस के सामने विनोद पटेल ने जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि 20 दिसम्बर 2014 को कम्पनी में ज्वाइन किया था। 19 अप्रैल 2015 को उसके सीनियर तथागत परमार ने रिलाइन देने की बात कही। इससे क्षुब्ध होकर उसने अपने मामा शिवप्रसाद पटेल के साथ मिलकर तथागत परमार के अपहरण की योजना बनाई। समय रहते पुलिस के इन दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजने से तथागत परमार का अपहरण होने से बच गया था।
जेल से छूटने के बाद भी विनोद पटेल ने आपराधिक गतिविधियों से नाता नहीं तोडा। उसने बालकृष्ण बायो प्लांटेक कम्पनी बनाकर जिले समेत आसपास के जिलों में पेड लगाकर लोगों को लाखों की आमदनी का ख्वाब दिखाकर ठगी का कारोबार शुरु कर दिया। अब तक उसने कौशाम्बी, चित्रकूट व रीवां जिले में तमाम लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना चुका है। विनोद पटेल सीधे अपनी पत्नी के खाते में लोगों से धनराशि लेकर ठगी के कारोबार में लिप्त है। भुक्तभोगियों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि शातिर अपराधी किस्म के विनोद पटेल के पूरे गैंग के खिलाफ गम्भीर धाराओं में रिपोर्ट दर्जकर इसे तत्काल जेल भेजा जाये, ताकि भोलेभाले लोग इसकी ठगी के शिकार होने से बच सकें।
*ब्यूरो रिपोर्ट* अश्विनी कुमार श्रीवास्तव
*जनपद* चित्रकूट
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