*उत्तर प्रदेश/राष्ट्रीय दैनिक कर्मभूमि/लखनऊ सेंट्रल ज़ोन*

*उत्तर प्रदेश/राष्ट्रीय दैनिक कर्मभूमि/लखनऊ सेंट्रल ज़ोन*

 

*आखिरकार क्यों क़ैसरबाग पुलिस जालसाज़ पर है मेहरबान ?*

 

आधा दर्जन मक़दमों में लिप्त अपराधी को क्यों बचाना चाह रही, कैसरबाग पुलिस,?

 

न्यायालय में गवाही देने वाली महिला पर जालसाज़ एजाज़ व उसकी पत्नी ने किया था जानलेवा हमला,

 

जिसपर क़ैसरबाग़ पुलिस द्वारा हल्की धाराओं में दर्ज किया था मुकदमा,

 

गंभीर चोटें व 5 दिन अस्पताल में भर्ती और डॉक्टरी रिपोर्ट आने के बाद भी नहीं बढ़ाईं मुक़दमे में धाराएं,

 

*माननीय उच्च न्यायालय के संज्ञान में भी है पूरा मामला,*

 

माननीय उच्च न्यायालय द्वारा लखनऊ पुलिस कमिश्नर को दिए गए थे गहराई से जांच के आदेश,

 

दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी नही मिल पा रहा बुज़ुर्ग महिला को पुलिस द्वारा न्याय,

 

क़ैसरबाग पुलिस भी सवालों के घेरे में,नही उठा अभी तक किसी ईमानदार आलाधिकारी सख्त कदम,

 

विवेचक विशाल सिंह द्वारा दो साल से की जा रही 206/21 की जांच जो अभी तक नहीं हो सकी पूरी,

 

छोटे 2 अपराध के मामले में तुरंत सलाखों के पीछे डालने वाली पुलिस क्यों बचा रही बड़े अपराधी को ?

 

क्या कर रही हैं किसी बड़ी घटना का इंतेज़ार, आखिर कब जागेंगे उच्च अधिकारी?

 

रिपोर्ट राजेंद्र पांडे लखनऊ उत्तर प्रदेश