उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय हिंदी (दैनिक कर्मभूमि)चित्रकूट ब्यूरो। जिला के भरतकूप क्रेशर नगरी में इन दिनों एक्सप्रेस वे रोड रामगमन पथ परिवर्तन को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है । ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत आदिवासी समुदाय के लोगों को अब अपने आशियाना उजड़ने का खतरा सताने लगा है जिसको लेकर लगभग 45 परिवार के लोग जिलाधिकारी व मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र के माध्यम से न्याय की गुहार लगाई है, ग्रामीणों ने अपने पत्र में अपनी पीड़ा उल्लेख करते हुए बताया है कि प्रस्तावित लिंक रोड गोंडा रामपुर माफी को पूंजीपतियों एवं प्रभावशाली राजनीतिक जो क्रेशर स्टोन एवं बालू व्यवसायी है । उनके दबाव में जिला प्रशासन बार-बार मार्ग परिवर्तन के प्रयास कर हमारी कॉलोनी को नष्ट करने की साजिश की जा रही है तथा जबरदस्ती परिवार सहित निकलवाने की धमकी दी जा रही है । अभी दिवस 15 जनवरी 2024 को ग्राम प्रधान एवं सांसद के कथित प्रतिनिधित्व संतोष सिंह पटेल एवं सदर तहसीलदार एवं पूरा राजस्व सहित यूपीडा के अधिकारी हमारे कॉलोनी में आकर धमकी दे रहे थे कि आसानी से यहां से अपना घर और झोपड़ी हटा लो नहीं तो तुम्हारी कॉलोनी से सभी का सामान घर से बाहर फेंक देंगे और बेघर कर देंगे जिससे घबरा कर अब हमारे द्वारा धरना प्रदर्शन किया जाएगा साथ ही क्रेशर मालिक आर्थिक स्थिति से मजबूत है और यही वजह है कि उनके द्वारा अपनी धौंस गरीबों को दिखाई जा रही है ग्रामीणों के द्वारा अपनी सुरक्षा को लेकर जिला अधिकारी से जहां न्याय की गुहार लगाई गई है तो वही ऐसे दबंग अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं कि आखिर ऐसे दबंग अधिकारियों के द्वारा गरीब तबके के लोगों को प्रताड़ित करने में क्यों किसी तरह का कोई कसर नहीं छोड़ा जा रहा है एक और जहां उत्तर प्रदेश की योगी सरकार आवास हैं ग्रामीणों को पक्के मकान देकर उनका आवास दे रही है तो वहीं दूसरी तरफ जिले के ऐसे अधिकारियों के कृत्य आम तौर पर जिम्मेदार अधिकारियों पर सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं वहीं अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या पूंजी पतियों के आगे गरीबों की फरियाद सुनी जाएगी या नहीं यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन वर्तमान समय में गरीब तबके लोग अपने आशियाने को बचाने के लिए जिला अधिकारी का दरवाजा खटखटा रहे हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट अश्विनी श्रीवास्तव
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