थाने से चंद कदमों पर बिक रही अवैध शराब, वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) चित्रकूट। योगी सरकार भले ही प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्ती और जीरो टॉलरेंस की नीति के दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कई बार इन दावों को चुनौती देती नजर आती है। जिले के भरतकूप थाना क्षेत्र से सामने आया ताजा मामला न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि पुलिस की कार्यशैली और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

भरतकूप थाने से महज चंद कदमों की दूरी पर खुलेआम अवैध शराब की बिक्री का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वीडियो सामने आने के बाद आमजन में भारी आक्रोश है। लोगों का सीधा सवाल है कि जब थाना परिसर के इतने नजदीक गैरकानूनी धंधा धड़ल्ले से चल रहा है, तो पूरे इलाके की कानून-व्यवस्था का क्या हाल होगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध शराब की बिक्री कोई नई बात नहीं है। यह धंधा लंबे समय से क्षेत्र में चल रहा है। कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई। कभी-कभार छोटी-मोटी कार्रवाई दिखाकर मामला शांत कर दिया गया, जबकि असली कारोबारी बेखौफ होकर अपना धंधा जारी रखते रहे।

ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कुछ दलालों की मिलीभगत से यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। यहां तक कि इसे कथित तौर पर पुलिस का संरक्षण भी प्राप्त है। लोगों का कहना है कि जब जांच और कार्रवाई की जिम्मेदारी उन्हीं अधिकारियों को दी जाती है, जिनकी निगरानी में थाना संचालित होता है, तो निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है।

बताया जा रहा है कि भरतकूप थाने का चार्ज हाल ही में कर्वी कोतवाली के पूर्व प्रभारी को सौंपा गया है। वह करीब 21 महीने तक कर्वी कोतवाल रहे हैं और एसपी के करीबी माने जाते हैं। ऐसे में थाने के पास ही अवैध शराब की बिक्री का वीडियो वायरल होना पुलिस प्रशासन की जवाबदेही पर और भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हलचल जरूर तेज हुई है, लेकिन अब तक किसी ठोस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। न तो किसी की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है और न ही अवैध शराब के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई का दावा किया गया है।

एसपी मीडिया सेल के जरिए इतना जरूर कहा गया है कि मामले की जांच के निर्देश भरतकूप थाना प्रभारी को दिए गए हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जांच स्थानीय स्तर पर ही होगी, तो नतीजे भी पुराने जैसे ही होंगे।

स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह सिर्फ अवैध शराब बिक्री का मामला नहीं है, बल्कि पूरे कानून-व्यवस्था के सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है। जब थाने के इतने पास खुलेआम गैरकानूनी धंधा चल रहा हो, तो आम जनता की सुरक्षा और भरोसा कैसे कायम रह पाएगा।

भरतकूप थाना एक बार फिर सुर्खियों में है। सूत्रों के अनुसार थाना क्षेत्र में एक गोंडा निवासी व्यक्ति के जरिए एक स्थानीय पत्रकार के खिलाफ रंगदारी का मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी किए जाने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति की थाने में अच्छी पकड़ मानी जाती है, जिससे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

सूत्रों का यह भी कहना है कि इससे पहले थाना प्रभारी द्वारा पत्रकार से कथित तौर पर कहा गया था—“आपके दुश्मन हमारे दोस्त हैं।” इस बयान के बाद मामला और तूल पकड़ता नजर आ रहा है। संबंधित पत्रकार का आरोप है कि सच्चाई के साथ खबर प्रकाशित करना अब जोखिम भरा होता जा रहा है, जिससे स्वतंत्र पत्रकारिता पर दबाव की आशंका गहराती दिख रही है। हालांकि, इस पूरे प्रकरण को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वायरल वीडियो के बाद पुलिस प्रशासन सिर्फ औपचारिक कार्रवाई करता है या वास्तव में दोषियों पर सख्त कदम उठाकर कानून-व्यवस्था के दावों को जमीन पर उतारता है।

रिपोर्ट,ठाकुर पंकज सिंह राणा
जनपद,चित्रकूट