विज्ञान कांग्रेस के लिए शिक्षकों को मिला प्रशिक्षण, बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने पर जोर

लर्निंग बाई डूइंग से बच्चों में बढ़ती है वैज्ञानिक चिंतन एवं नवाचार की क्षमता : डीआईओएस

राष्ट्रीय दैनिक कर्म भूमि अंबेडकर नगर

अम्बेडकरनगर। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार की अभिनव गतिविधि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में सक्रिय प्रतिभागिता के लिए मार्गदर्शक शिक्षकों की अभिमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन डॉ. ए.के. पब्लिक स्कूल, अकबरपुर के सभागार में किया गया।कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक कौस्तुभ कुमार सिंह ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बाल विज्ञान कांग्रेस की परियोजनाओं के माध्यम से बच्चों में ‘लर्निंग बाई डूइंग’ की अवधारणा विकसित होती है। इससे उनमें तार्किक चिंतन, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा नवाचार की क्षमता का विकास होता है। उन्होंने कार्यशाला में प्रतिभाग करने वाले सभी शिक्षकों को प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया।जिला समन्वयक निरंजन लाल ने जनपद के परिषदीय उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों से आए लगभग 150 मार्गदर्शक शिक्षकों को राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के लिए परियोजना तैयार करने की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने ‘सतत विकास के लिए विज्ञान एवं नवाचार’ को मुख्य विषय बनाकर लघु शोध तैयार करने की प्रक्रिया समझाई तथा अधिक से अधिक बच्चों की प्रतिभागिता सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों को प्रेरित किया।

कार्यशाला में कृषि विज्ञान केंद्र, पांती के विभागाध्यक्ष एवं कृषि वैज्ञानिक डॉ. रामजीत तथा कृषि वैज्ञानिक डॉ. लोकेश यादव ने नवाचारी परियोजनाओं के विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। डॉ. रामजीत ने श्री अन्न (मिलेट्स), जैविक खेती एवं पोषण आहार सहित विभिन्न विषयों पर विशेष जानकारी प्रदान की।

कार्यक्रम को सफल बनाने में अखिलेश कुमार, विवेक कुमार जायसवाल, रविप्रकाश चौधरी, प्रवीण कुमार गुप्ता, छाया देवी, तारकेश्वर मिश्र, उपेन्द्र सिंह, विभा सिंह, नेबूलाल एवं प्रेम प्रकाश सिंह सहित अन्य शिक्षकों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य जेपी यादव एवं उपप्रधानाचार्य प्रशांत ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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