आखिर 19 किलोमीटर लम्बी इस सड़क की बदहाली का जिम्मेदार कौन हर पल जानलेवा बनी रहती है सड़क । मार्ग मतलब गड्ढा, कीचड़ व पानी ।

उत्तर प्रदेश (दैनिक कर्मभूमि) अम्बेडकर नगर, । जिला मुख्यालय से जो निर्माण कार्य की खामियों के चलते गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। राजनीति की शिकार हुई यह सड़क इस हालत में पंहुच गयी है कि इस पर पैदल चलना भी जान जोखिम में डालना है। सड़क की इस दुर्दशा का जिम्मेदार कौन है, इस पर जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों की आंखे बन्द हैं। जिला मुख्यालय से इल्तिफातगंज बाजार की दूरी 19 किलोमीटर है। यह सड़क जमुनीपुर करमुलहा, चन्दैनी, केदारनगर बाजार होते हुए इल्तिफातगंज पंहुचती है। इसी सड़क के 12वें किलोमीटर पर इब्राहिमपुर थाना भी स्थित है। पूर्व में यह सड़क लोक निर्माण विभाग के अधीन थी लेकिन राजनीतिक दांव पेंच में उलझाकर इसे प्रधानमंत्री सड़क योजना में शामिल कर दिया गया। प्रधानमंत्री सड़क योजना में शामिल होने के साथ ही इस सड़क की दुर्दशा शुरू हो गयी। पहले तो सड़क की चौड़ाई कम कर दी गयी और दूसरे उसकी किनारे की पटरी को भी समाप्त कर दिया गया। सड़क निर्माण के दौरान भी ठेकेदार की कार्यप्रणाली को लेकर कई बार सवाल उठे लेकिन अधिकारियों ने हमेशा लीपा -पोती कर शिकायतों का पटाक्षेप कर दिया। 19 किलोमीटर लम्बी यह सड़क आधा दर्जन स्थानों पर झील के रूप में तब्दील हो चुकी है। जलभराव व गड्ढों के कारण इस सड़क पर चलना खतरे से खाली नही रह गया है। जिला मुख्यालय से महज एक किलोमीटर आगे डेयरी के निकट सड़क की स्थिति ऐसी हो गयी है जिसमें आये दिन गाड़ियां फंसी रहती हैं। इसके अलावां केदारनगर बाजार व डांडी महमूदपुर गांव के पास सड़क की ऐसी स्थिति हो गयी जिसकी कल्पना भी नही की जा सकती। सबसे अहम पहलू तो यह है कि आखिर इसकी दुर्दशा का जिम्मेदार कौन है। आखिर सैकड़ों गांवो को जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क के प्रति प्रशासनिक अमला उदासीन क्यों बना हुआ है। इस सम्बन्ध में लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता शंकर्षण लाल ने बताया कि सड़क को पुनः लोक निर्माण विभाग के अधीन लाने के लिए कार्यवाही की जा रही है। सड़क लोक निर्माण विभाग के अधीन आने के बाद उसके निर्माण की प्रक्रिया शुरू करायी जायेगी।

पवन कुमार चौरसिया ब्यूरो अयोध्या मंडल ।