उत्तर प्रदेश (दैनिक कर्मभूमि) अयोध्या।
अयोध्या- कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार दीपोत्सव में बाहरी लोग रामनगरी नहीं पहुंच सकेंगे। बाहरी वाहनों को अयोध्या की नगरीय सीमा में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। पहचान पत्र दिखाने के बाद सिर्फ स्थानीय वाहनों को ही नगरी में प्रवेश दिया जाएगा। 11 नवंबर से प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं। कोरोना को देखते हुए प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइन का अनुपालन सुनिश्चित कराने के पुख्ता इंतजाम पुलिस की ओर से किया जा रहा है।
सर्वोच्च निर्णय की वर्षगांठ पर सोमवार को डीआइजी दीपक कुमार ने रामनगरी की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने रामकी पैड़ी, रामजन्मभूमि परिसर सहित अन्य प्रमुख मंदिर व स्थलों का निरीक्षण किया। डीआइजी ने आम जनता से मिलकर वार्ता की और कोरोना को देखते हुए गाइड लाइन का पालन करने की अपील की। डीआइजी ने कहाकि दीपोत्सव पर बाहरी लोगों को रामनगरी में प्रवेश नहीं मिलेगा। हाईवे से लोग आवागमन कर सकेंगे। नगरीय सीमा में स्थानीय लोग ही प्रवेश कर सकेंगे। उनका भी पहचान पत्र देखा जाएगा।
सुप्रीम फैसले की वर्षगांठ को लेकर रामनगरी में कड़ा पहरा रहा। दिन भर वाहनों की चेकिग जारी रही। जांच-पड़ताल के बाद ही वाहनों को रामनगरी की ओर जाने दिया गया। इसी के साथ रामनगरी में चौथे व सुप्रीम फैसला और राममंदिर के भूमि पूजन के बाद पड़ रहे पहले दीपोत्सव को लेकर भी काफी संवेदनशीलता बरती जा रही है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार आयोजन स्थल पर भीड़ एकत्र न होने पाए इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। निगरानी के लिए पुलिस अन्य सुरक्षा एजेंसियों की भी मदद ले रही है।
डीआइजी ने कहाकि गाइड लाइन का पालन न करने वालों को कार्रवाई का सामना करना होगा। सीओ आरके राय ने बताया कि रामनगरी की ओर बाहरी वाहनों का प्रवेश 11 नवंबर से प्रतिबंधित हो गया है। 12 नवंबर से पाबंदियां और सख्त हो जाएंगी। 13 नवंबर को मुख्य आयोजन के दिन उन्हीं लोगों को कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश दिया जाएगा, जिन्हें प्रशासन की ओर से अनुमति दी गई है। दीपोत्सव को लेकर आठ कंपनी पीएसी, दो कंपनी आरएएफ के अतिरिक्त कमांडो दस्ता भी तैनात किया जाएगा।
रिपोर्ट -पवन कुमार चौरसिया ब्यूरो अयोध्या मंडल
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