पूंजीपतियों के हाथ में सत्ता लोकतंत्र के लिए खतरा

उत्तर प्रदेश (दैनिक कर्मभूमि ) जौनपुर

पूंजीपतियों के हाथ में सत्ता लोकतंत्र के लिए खतरा

जौनपुर। मेरा गांव, मेरी जिम्मेदारी प्रणेता प्रदीप मिश्र ने बताया की जब भी लोकतंत्र में सत्ता पूंजीपतियों के हाथ में होती है या सत्ता पूजीपतियों के इशारे पर नाचने लगती है तो लोकतंत्र का यही हश्र होता है जो इस समय अमेरिका में हो रहा है। क्योंकि पूंजीपतियों को सत्ता हस्तांतरण में सिर्फ सत्ता ही जाते नहीं दिखती, उनको लगता है उनका मालिकाना हक जा रहा है। जब जब लोकतंत्र जनता से दूर होकर व्यक्ति केंद्रित हो जाता है तब ये सत्ता धारी ( पूंजीपति या पूंजीपतियों के इशारे पर नाचने वाले) वर्चस्ववादी,आत्ममुग्ध व ‘मैं और सिर्फ मैं’ गाने वाले, कहने वाले, जीने वाले नेताओं के अंधे तर्कशून्य अनुयायी, किसी शक्तिशाली व अतिविकसित देश व विश्व के सबसे पुराने लोकतंत्र तक को किस निम्नतम स्तर तक ले जा सकते हैं, यू एस कैपिटल (अमेरिका) इसका ताज़ा सबूत है। विश्व के सभी देशों को, सम्मानित व सभ्य नागरिकों को इस घटना या कहें तो इस लोकतंत्र की भीषण दुर्घटना व उसके अंधभक्तों की फ़ौज से सबक़ लेना होगा। तभी लोकतंत्र की रक्षा हो सकती है।

रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सम्पादक अभिषेक शुक्ला