लोक कला महोत्सव में मंच पर हुआ हरियाणवी नृत्य वीकेंड के कारण महोत्सव के दूसरे दिन स्टॉल्स पर रही खरीदारों की भीड़

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) लखनऊ,13 फरवरी 2021 लोक कला महोत्सव न्यास की ओर से आयोजित लोक कला महोत्सव में दूसरी शाम देश के विभिन्न लोक नृत्यों के नाम रही। अलीगंज के पोस्टल ग्राउंड में 12 से 21 फरवरी तक आयोजित इस महोत्सव में लोगों ने देश के विभिन्न प्रांतों से आए हस्तशिल्पियों की नायाब वस्तुएं खरीदी। बच्चों ने झूलों और लजीज खानपान का लुत्फ भी उठाया। राज्य ललित कला अकादमी के उपाध्यक्ष गिरीश चन्द्र मिश्र के संरक्षण में इसका आयोजन संस्कार भारती के विभाग संयोजक हरीश कुमार श्रीवास्तव ने पहली बार किया है। सांस्कृतिक संध्या के मुख्य आकर्षण रहे पवन यादव ने “तुम बिन मोरी कौन खबर ले गोवर्धन” और “कृष्ण दीवानी मीरा प्रेम दीवानी,” भजन सुनाकर सांस्कृतिक शाम की सुरीली शुरुआत की। अनुष्का के “छलिया” नृत्य के बाद माधवी ने “साइको सैया” पर अपनी नृत्य प्रतिभा का प्रदर्शन किया। रिया, खुशी, लक्ष्मी, इशु, प्रीति के ऊर्जावान डांस ग्रुप ने, सुपरहिट एलबम गीत “52 गज का दामन” पर जोशीला नृत्य किया। इसमें उन्होंने हरियाणवी लोक नृत्य की सतरंगी छटा बिखेरी। प्रगति सिंह ने “धरती से पूछे आत्मनवा” लोकगीत सुनाकर सुधि श्रोताओं की प्रशंसा हासिल की। इस क्रम में सृष्टि सिंह ने बुंदेली लोकगीत “कोयल बिन बगिया न सोहे राजा” सुनाकर तालियां बटोरीं। आयुषी रस्तोगी के सधे संचालन में आरती और नेहा ने भी प्रस्तुतियां दी। संयोजक मंडल में शामिल विनय दुबे ने बताया कि समाज में इस महोत्सव में जम्मू कश्मीर के शॉल से लेकर राजस्थानी चूरन, गुजराती पैचवर्क, जयपुरी प्रिंट कुर्ते, सहारनपुरी फर्नीचर, भदोही का कालीन, आन्ध्र-प्रदेश का लकड़ी का सजावटी समान लोगों को आकर्षित कर रहा है। अमेरिकन भुट्टे से लेकर दैनिक उपयोग की वस्तुएं तक महोत्सव में मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि सांस्कृतिक मंच पर विशिष्ट योगदान देने वाली हस्तियों का सम्मान भी किया जाएगा। राजस्थान खादी ग्रामोद्योग से प्रमाणित बीकानेर के नमकीन इस महोत्सव में आसानी से स्टॉल पर खरीदे जा सकते हैं। इसमें भुजिया, बड़ी, पापड़, चटपटा चना, चना लहसुन, मूंग पापड़, मूंग लहसुन पापड़, पुदीना पापड़, स्पेशल मोठ गट्टा, चावल पापड़, हरीमिर्च आचार, लहसुन चटनी खासे पसंद किये जा रहे हैं। स्पेशल गोल गप्पे और “एक पापड़ तीन स्वाद” हाथों हाथ बिक रहा है। जेठाराम ने बताया कि एक ही पापड़ में स्वाद के दीवाने मूंग चना और उड़द की दाल का स्वाद ले सकते हैं।

रिपोर्टर सिद्धार्थ त्रिवेदी रायबरेली