उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) लखनऊ,13 फरवरी 2021 राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य डॉ. इंद्रेश कुमार ने कहा कि मजहब ए इस्लाम में जन्नत के लिए कई रास्ते बताए हैं। दुनिया मे शांति रहे, इसके भी इल्म और नसीहत भी दी है। हम सब हिंदुस्तानी थे, हैं और रहेंगे। दुनिया की कोई ताकत इसको नहीं बदल सकती। कुछ समय बाद पाकिस्तान भी नहीं रहेगा। यह बंटने जा रहा है, क्योंकि बलूचिस्तान सहित कई देशों की मांग है। चीन भी कब्जा करना चाहता है। ऐसे में कहीं न कहीं पाकिस्तान अनेक देशों में टूट कर बिखर जाएगा। इसलिए यहां के लोगों से कहा कि मौका मिले तो एक दुकान एक मकान लखनऊ में और दूसरी दुकान-मकान लाहौर में हो सकती है। वह शनिवार को सआदतगंज स्थित आल इंडिया शिया यतीमखाना लखनऊ की ओर से आयोजित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण निधि समर्पण अभियान को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इसके नारे भी लगवाये। इंद्रेश कुमार ने कहा कि उन्होंने कहा कि दूसरे की आलोचना नहीं करनी चाहिए। हमारा हिंदुस्तान खूबसूरत है। हर धर्म के लोग दरगाह पर जाते हैं। हम सब हिंदुस्तानी थे, हैं और रहेंगे।
1947 से पहले पाक नाम का मुल्क नहीं था। बंटवारे की वजह से यह बना। अब आगे पाक बंटने जा रहा है। उन्होंने कहा कि बरसों से चले आ रहे तीन तलाक के मुद्दे को निपटा कर निजाद दिलाई। इसलिए हिंदुस्तान को समझना, बनाना और समझना होगा। इंद्रेश कुमार ने कहा कि 2016 से लखनऊ से शियाओं ने मंदिर आयोध्या में बनाने का संकल्प लिया था। आज सपना पूरा हो रहा है। इसलिए जरूरी है कि सब मिल कर रहें। 14 फरवरी 2019 को शुरू हुई थी लखनऊ से नजफ की सीधी उड़ान। कोविड में जब सारी दुनिया मे हाहाकार मचा था। भारत ने कई देशों को मास्क सेनिटाइजर दिया। लेकिन चीन शैतानी मुल्क बन कर उभरा है। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि यतीमखाना के बच्चों को यतीम नहीं मानना चाहिए। इन बच्चों पर दया नहीं ममता का हाथ रखिये। आज से ये बच्चे अनाथ नहीं हैं। इनके साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं करेगा। यह संकल्प दिलाया। साथ ही सभी धर्मों की इज्जत करने की भी अपील की। कहा कि मजहब के नाम पर कोई नफरत, हिंसा नहीं फैलाएगा। भाई चारे के साथ मिलकर रहेंगे। कार्यक्रम में करीब 25 लोगों ने मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया। शिया सेंट्रल वफ्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सैय्यद वसीम रिजवी ने कहा कि कुछ विदेशी ताकतों ने हमारे बीच के लोगों को उकसाने का काम किया। लेकिन अपनी सूझ बूझ के साथ समझदारी से काम लिया। किसी भी विवादित जगह पर मस्जिद नहीं बन सकती। लेकिन हिंदुओं को अपमानित करने के लिए विदेशी ताकतों ने ये खेल खेला। शिया वफ्फ बोर्ड ने विवाद खत्म करने की कोशिश की। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मंदिर निर्माण शुरू हुआ है। ऐसी ताकतों को मुंह तोड़ जवाब मिला है। मुसलमानों को चाहिए कि राम मंदिर के निर्माण में सहयोग करें। अपनी भेदभाव को खत्म करने के लिए यह जरूरी है। बच्चों को भी सीख दें कि मिलजुल कर रहें, जिससे देश मजबूत होगा। कार्यक्रम में आरआरएस उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ प्रचारक स्वामी मुरारी दास भी मौजूद रहे।
रिपोर्टर सिद्धार्थ त्रिवेदी रायबरेली
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