उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) लखनऊ,12 मार्च 2021 प्रेमचन्द जैसे स्थापित रचनाकार पुस्तक प्रेमियों की पहली पसंद हैं। समाज का आईना कहे जाने वाली नयी पुरानी कविता, कहानियों, उपन्यासों की किताबें पुस्तक प्रेमियों को पिछले छह दिनों से लखनऊ पुस्तक मेले में रिझा रही हैं। बाल संग्रहालय लान चारबाग में चल रहे किताबों के इस मेले में साहित्य पुस्तक प्रेमियों की पहली पसंद बनी हुई है। यहां किताबों पर न्यूनतम 10 प्रतिशत छूट है तो कई दुकानों में 60 प्रतिशत तक छूट दी जा रही हैं। निःशुल्क प्रवेश और रोज सुबह 11 से रात नौ बजे तक चलने वाला यह मेला यहां 14 मार्च तक जारी रहेगा। नयी प्रकाशित किताबों में प्रलेक प्रकाशन के स्टाल पर एक अय्याश अंग्रेजी की कहानी सामने रखती संवेदनाएं जगाने वाली प्रवीण दुबे की किताब तुम्हारी कोशी बहुत पसंद की जा रही है। उषा किरन खान का कथा संग्रह खेलत गेंद गिरे यमुना में की काफी प्रतियां निकल चुकी हैं। गीताश्री की बलम कलकत्ता के संग आभा काला की पुस्तकें झुरमुट और मेरी भी तो सुनो नई पुस्तकें हैं। राजकमल के स्टाल पर शम्सुर्रहमान फारूकी का उपन्यास कब्जे जमा का अनुवाद, भगवानदास मोरवाल की खानजादा और रणेन्द्र की गूंगी रुलाई का कोरस एकदम ताजा किताबें हैं। इसके अलावा संजीव का अहेर, अनामिका की आईनासाज, मिथिलेश्वर की संत न बांधे गाठड़ी, चंदन पाण्डेय का वैधानिक गल्प, ईशान त्रिवेदी का पीपलटोले के लौंडे साहित्यप्रेमी टटोल रहे हैं। वाणी प्रकाशन में उदय प्रकाश की किताबें एक भाषा हुआ करती थी और अम्बर में अबाबील पसंद की जा रही है। नरेन्द्र कोहली की किताब शिखण्डी और गगन गिल की यह आकांक्षा समय नहीं काव्य संग्रह पसंद किया जा रहा है। प्रेमचन्द्र और गांधी का साहित्य बहुत से स्टालों पर है तो भारती, महादेवी वर्मा, निराला, नागार्जुन, मैत्रेयी पुष्पा, तस्लीमा नसरीन आदि स्थापित रचनाकारों की किताबें लोग खूब देख रहे हैं। चेतन भगत की नई पुस्तक भी अंग्रेजी में उपलब्ध है। आरुषि, मैपल प्रेस, आर्यन, रीतेश बुक, मनीश बुक, वैष्णवी बुक्स में अंग्रेजी साहित्य है।
रिपोर्टर सिद्धार्थ त्रिवेदी रायबरेली
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