उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) लखनऊ,12 मार्च 2021 बैंकिंग उद्योग के कर्मचारियों द्वारा निजीकरण के विरोध में प्रस्तावित 15-16 मार्च की 2 दिवसीय हड़ताल के समर्थन में आर्यावर्त बैंक के कर्मचारी भी शामिल होंगे। यह जानकारी आर्यावर्त बैंक अधिकारी एसोसिऐशन के अध्यक्ष ए0के0 सिंह, बिशेन ने आज दी है। श्री सिंह ने बताया कि उ0प्र0 के 26 जिलों एवं 8 सौ शाखाओं में कार्यरत 7 हजार से अधिक कर्मचारी 2 दिवसीय हड़ताल में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि बैंकिंग व्यवस्था अर्थ व्यवस्था की रीढ़ है। इसी उद्देश्य से बैंको का राष्ट्रीयकरण किया गया था, जिसे केन्द्र सरकार समाप्त कर निजी हाथों में सौंपना चाहती है जो इस देश के आमजनों के हित में नहीं है। संकट के समय सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन सार्वजनिक क्षेत्र की बैंको ने बखूबी निभाया है। श्रमिक नेता ने कहा कि बड़े औद्योगिक घरानों ने राजनैतिक प्रभाव का उपयोग कर बैंको को खूब लूटा है। विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे मगरमच्छ इसके ताजा उदाहरण हैं। इन प्रभावशाली लोगों की वजह से ही बैंको का एन0पी0ए0 बढ़ा है। उन्होंने बताया कि बैंकिंग उद्योग के कर्मचारियों के लिए 11वाँ द्विपक्षीय वेतन समझौता वाणिज्यिक बैंको में लागू हो गया है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गयी व्यवस्था के बावजूद वित्त मंत्रालय द्वारा ग्रामीण बैंको में इसे अभी लागू नहीं किया गया है, जिससे भी यह कर्मी उद्वेलित हैं। उन्होंने बताया कि 15 एवं 16 मार्च की हड़ताल में आर्यावर्त बैंक के अतिरिक्त देश भर के सभी 45 ग्रामीण बैंको के एक लाख कर्मचारी भी हड़ताल पर रहेंगे। उन्होंने बताया कि हड़ताल के दिनों में विजय नगर गोमती नगर स्थित आर्यावर्त बैंक के मुख्यालय एवं जनपद स्थित सभी क्षेत्रीय कार्यालयों पर सभी संगठन अपनी मांगो के समर्थन में प्रदर्शन करेंगे।
रिपोर्टर सिद्धार्थ त्रिवेदी रायबरेली
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