राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के टेण्डर में बंदरबांट की तैयारी

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) गोण्डा,25 मार्च 2021 समाचार-पत्रों में छपी खबर, रिश्वतखोरी का वायरल वीडियो और कई शिकायती-पत्र के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 अजय सिंह गौतम को कोई फर्क पड़ता नजर नही आ रहा है और प्रत्येक दिन नये-नये भ्रष्टाचार की तैयारी की जा रही है। अभी 19 मार्च को मेन्टेनेंस के लिए अवैध तरीके से खुलने जा रहे टेण्डर के समाचार-पत्र में प्रकाशन का जवाब न दे पाने के बावजूद पुनः 26 मार्च को एक नियम विरूद्व टेण्डर खोलने और सरकारी धन के बन्दरबांट की सुनियोजित योजना स्वास्थ्य विभाग ने वर्तमान सीएमओ डा0 अजय सिंह गौतम की कृपा से बना रखी है। ज्ञात हो कि 16 मार्च को जेम (गर्वन्मेंट ई-मार्केट प्लेस) पोर्टल पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अर्न्तगत 50 वाहनों के टेण्डर का प्रकाशन किया गया था जो 26 मार्च को खोला जाना है। आरबीएसके योजना एवं सपोर्टिंग सुपरविजन के लिए प्रत्येक सीएचसी पर 3 वाहनों की आवश्यकता दिखायी गयी जिसमें आरबीएसके योजना के लिए 2 और सपोर्टिंग सुपरविजन के लिए 1 वाहन चाहिए। इस प्रकार जनपद में 16 सीएचसी के हिसाब से कुल 48 वाहन और 2 वाहन जिला स्तर पर सुपरविजन के लिए कुल मिलाकर जनपद में 50 वाहन की आवश्यकता है। उक्त टेण्डर में अपने चहेते ठेकेदार को लाभ पहुंचाने हेतु और साथ में सरकारी धन के बन्दरबांट हेतु आनन-फानन में डाले गए इस टेण्डर में एक-दो नही बलिक खामियां ही खामियां है। जबकि गाइडलाइन यह है कि सीडान एवं हचबैक गाड़ी जिसमें 4 लोग बैठ सकें और मेडिसिन रखी जा सके, इस टेण्डर प्रक्रिया में मान्य है, वहीं वर्तमान सीएमओ द्वारा एक्सयूवी-500 गाड़ी ही मांगी गयी है। गाइडलाइन के अनुसार कान्टेक्ट अवधि एक वर्ष का होना चाहिए और कार्य संतोषजनक होने पर उसे एक वर्ष और बढ़ाया जा सकता है जबकि सीएमओ ने टेण्डर अवधि एक वर्ष ग्यारह माह तीस दिन रखा है जो कन्फ्यूज करने की कोशिश अथवा सीएमओ की अनभिज्ञता का प्रतीक है। इस टेण्डर में सबसे बड़ी गलती जो जान-बूझकर की गयी प्रतीत होती है वह यह है कि गाइडलाइन के अनुसार 5 लाख से एक करोड़ तक टर्नओवर पर आर्नेस्ट मनी (ईएमडी की धनराशि) 0.5 प्रतिशत से 5 प्रतिशत तक क्रेता विभाग के विवेक से लिये गए निर्णय के अनुसार होगी परन्तु एक करोड से उपर आर्नेस्ट मनी 5 प्रतिशत जमा होनी ही चाहिए। जबकि 50 गाड़ियों का 33000रूपए प्रतिमाह की दर से एक वर्ष का एक करोड अटठानवे लाख टर्नओवर होता है और 2 वर्ष का तीन करोड़ छियानवे लाख होगा जिससे 0.5 प्रतिशत आर्नेस्ट मनी जमा करवाकर 4.5 प्रतिशत आर्नेस्ट मनी(ईएमडी की धनराशि) का विभागीय नुकसान 17 लाख 82 हजार रूपए चहेते ठेकेदार को लाभ एवं विभागीय बन्दरबांट हेतु किया गया है। नियमानुसार सभी वाहन अनिवार्य रूप से जीपीआरएस युक्त होना चाहिए परन्तु आमंत्रित टेण्डर में ऐसी किसी शर्त का उल्लेख नही है। जानकारी अनुसार इस टेण्डर का विज्ञापन किसी समाचार-पत्र में प्रकाशित नही करवाया गया, ठीक उसी तरह से जैसे गत 19 मार्च को खुलने वाले मेंन्टेनेंस के टेण्डर के विज्ञापन के बारे में सीएमओ से लेकर उनके कर्मचारी 19 से 22 मार्च तक न बता सके। इसके अतिरिक्त गाइडलाइन के अनुसार इच्छुक कार्य संस्थाओं से दो तरीके का अनुभव प्राप्त किये जाने का प्राविधान है। जिसमें एक पुराना अनुभव वर्ष में एवं दूसरा अनुभव समान सेवा हेतु होना चाहिए। परन्तु टेण्डर में समान सेवा जिस हेतु टेण्डर आमंत्रित किया गया है उसके अनुभव के आगे नो (नही) लिख दिया गया है। जेम (गर्वन्मेंट ई-मार्केट प्लेस) पोर्टल में यह स्पष्ट है कि यदि न्यूनतम मूल्य से कम पर आपूर्ति लेना चाहते है तो उसके लिए अपलोड के समय ही रिवर्स आक्शन पर यस (हां) किया जाना होता है परन्तु इस विकल्प को अपलोड के समय ही समाप्त करते हुए उस पर नो (नही) लिख दिया गया, जो सुनियोजित प्रतीत होती है। मामले पर जहां सीएमओ से बात करने पर उन्होने मीटिंग में होना बताया, वहीं जिलाधिकारी के फोन पर उनके स्टेनो अवस्थी ने बताया कि उक्त टेण्डर में कई कमियां संज्ञान में आयी है जिस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
बाक्स में लगाएं-
जिस पर लगा रहे आरोप उसी से ले रहे महत्वपूर्ण कार्य
गोंडा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 अजय सिंह गौतम के खेल इतने निराले हैं कि 22 फरवरी 2021 को स्वास्थ्य विभाग के निम्न छः कर्मचारियों के खिलाफ (डीओ) अर्धशासकीय पत्र जारी करते हैं और उसी आधार पर 26 फरवरी 2021 को जिला अधिकारी ने भी उन्ही छः कर्मचारियों के खिलाफ अर्धशासकीय पत्र जारी किया। दोनो ही जिम्मेदार अधिकारियों ने प्रभाशंकर द्विवेदी चीफ फार्मासिस्ट, सुधीर शुक्ला फार्मासिस्ट, आरसी सोनी प्रधान लिपिक, शशि कुमार, अशोक व राजकुमार कनिष्क लिपिक पर दायित्वों के निर्वहन से ज्यादा स्थानीय राजनीति में रूचि लेने का आरोप के साथ दूषित कार्यशैली के कारण रूासकीय कार्यों के सम्पादन में असुविधा होने का आरोप लगाया है। साथ ही हर कर्मचारियों की जनपद से बाहर स्थानान्तरण की संस्तुति किया है परन्तु 22 फरवरी से अचानक इनमें से प्रभाशंकर द्विवेदी चीफ फार्मासिस्ट टेण्डर अपलोडिंग से लेकर सारे महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। ये ही कन्साइनी (क्रेता) हैं। रामचन्दर सोनी एनएचएम व स्टेट बजट देखते हैं और शशि श्रीवास्तव एनएचएम (नेशनल हेल्थ मिशन) सहायक हैं। पूर्व में डा0 मधु गैरोला के सीएमओ रहते हुए 50000 रूपए के रिश्वत का वीडियो शशि श्रीवास्तव का वायरल हुआ था जिस पर समाचार पत्रों में खबरें भी प्रकाशित हुई थीं। सिटी मजिस्ट्रेट ने भी गोण्डा सीएमओ को प्रेषित पत्र सं0 1158 दिनांक 3 फरवरी 2021 में इन कर्मचारियों के विरूद्व गंभीर आरोपों का जिक्र करते हुए इनके अपने पदों से स्थानान्तरण के बिना निष्पक्ष जांच कर पाना संभव नही बताया था।

रिपोर्टर सिद्धार्थ त्रिवेदी रायबरेली