16 नालों की गंदगी से मुक्त होगी मंदाकिनी नदी

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय(दैनिक कर्मभूमि)चित्रकूट ब्यूरो । मंदाकिनी नदी प्रदूषण को लेकर अब शासन-प्रशासन भी गंभीर है। नदी में कोई नाला सीधे न गिरे इसके लिए जल निगम बांदा की टीम ने सर्वे कर वृहद कार्ययोजना बनाई है। वहीं 6 नालों को नगरपालिका ने टैप किया है और बचे 10 नालों पर भी अभियान जारी है।

बुन्देली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह मंदाकिनी नदी और पाठा की सिंचाई व पेयजल व्यवस्था को लेकर खुद संजीदा हैं। जीवन दायनी मंदाकिनी नदी में छोटे-बड़े 16 नाले सीधे गिरते थे। इन नालों के जरिए प्लास्टिक और बड़े कचरे भी नदी में पहुंचते थे। मंदाकिनी प्रदूषण में इन नालों की सबसे बड़ी भूमिका होती थी। लंबे समय से इन सभी 16 नालों को मंदाकिनी में गिरने से रोकने की मांग की जा रही थी। पिछले सप्ताह लखनऊ पहुंचकर बुन्देली सेना के जिलाध्यक्ष ने जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह से भेंट की थी। उन्होंने मंदाकिनी नदी प्रदूषण को लेकर चर्चा की। अब शासन के निर्देश पर जल निगम बांदा ने सर्वे कर एक बड़ी कार्ययोजना बनाई है। इसके तहत सभी नालों को जोड़कर पाइप लाइनों के जरिए एसटीपी तक पहुंचाया जाएगा। कोई भी नाला अगले कुछ वर्षों में नदी में नहीं गिरेगा। वहीं पालिका ने 16 में से 6 नालों को फिलहाल टैप कर दिया है। जिन नालों को टैप किया गया है, उसमें बेथल स्कूल, जनसेवा कालेज, नावघाट, राजाघाट, बृह्मचर्य और इस्लामिया के पास स्थित नाले शामिल हैं। शेष 10 नालों के भी टैपिंग का अभियान जारी है। इसके लिए बुन्देली सेना जिलाध्यक्ष ने प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह के प्रति आभार जताया है। बताया कि नाले गिरना बंद होने से नदी प्रदूषण की दिशा में बड़ी कामयाबी मिलेगी। इसके बाद नदी को टेल तक अनवरत प्रवाहित रहने के लिए वर्षा जल संचय, नदी स्रोतों की सफाई तथा नदी किनारे वृक्षारोपण कराने को लेकर भी मांगे तेज की जाएंगी।

 

*ब्यूरो रिपोर्ट* अश्विनी कुमार श्रीवास्तव

*जनपद* चित्रकूट

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