उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय(दैनिक कर्मभूमि)चित्रकूट। सदर विधायक अनिल प्रधान ने विधानसभा सत्र के दौरान नियम 301 के तहत सदन में जिला बेसिक शिक्षाधिकारी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। सपा विधायक का कहना है कि बीएसए द्वारा अध्यापकों का शोषण किया जा रहा है और इससे उनकी कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है।
लोक महत्व के गंभीर विषय के तहत सपा विधायक ने आरोप लगाया है कि बीएसए द्वारा बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताएं एवं नियम विरुद्ध सैकड़ों शिक्षकों निलंबन-बहाली व अनुशासनिक कार्रवाई कर अध्यापकों का शोषण, उत्पीड़न व धनदोहन किया जा रहा है। इससे शिक्षकों की कार्यक्षमता प्रवाहित हो रही है और वे मानसिक अवसाद से ग्रसित हो रहे हैं। विधायक ने बताया कि कई माह बीत जाने के बाद भी 300 शिक्षकों में से मात्र 51 लोगों का चयन वेतनमान लगाया गया है। उन्होंने बीएएसए पर शेष पत्रावलियां लंबित रखने, बिना स्पष्टीकरण प्राप्त किए कार्रवाई करने, नियमविरुद्ध निलंबन व बहाली करने, निलंबन कर अन्य विद्यालय में बहाल करने, एकसाथ पूरे स्टाफ को निलंबित करने आदि आरोप लगाए हैं। विधायक ने यह भी बताया कि बीएसए अपने साथ मऊ जिले के एक युवक को साथ रखते हैं और उसके माध्यम से शिक्षकों का धनादोहन कर रहे हैं। आरोप लगाया कि बीएसए की उत्पीड़नात्मक कार्यशैली के कारण 18 मई को मानिकपुर क्षेत्र के एक सहायक शिक्षक की असमायिक मृत्यु हो गई। यह सात माह से निलंबित था। विधायक ने बीएसए पर मनचाही फर्मों से गुणवत्ताविहीन खेल सामग्री खरीदने, प्रधानाध्यापकों को कार्रवाई का भय दिखाकर इनकी आपूर्ति करने और लाखों रुपये की जीएसटी चोरी कर सरकारी कोष को क्षति पहुंचाने का भी आरोप लगाया। विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष से बीएसए को जिले से हटवाने और उच्चस्तरीय या सतर्कता अधिष्ठान से जांच कराने का अनुरोध किया है। उधर, इस संबंध में बीएसए राजीव रंजन मिश्र ने कहा कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। शिक्षक स्व. राजाराम गौतम को 13 मई 2022 को बहाल कर दिया गया था।
*ब्यूरो रिपोर्ट* अश्विनी कुमार श्रीवास्तव
*जनपद* चित्रकूट
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