उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) चित्रकूट। जनपद में अब घर के नजदीक ही स्वास्थ्य इकाइयों पर परिवार नियोजन के अस्थाई साधनों की सेवाएं जरूरतमंदों को मिलेंगी। इन साधनों में अंतरा और छाया के साथ पीपीआईयूसीडी की सेवाएं शामिल हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ भूपेश द्विवेदी ने बताया कि जनपद में जरूरतमंदों को नवीन गर्भनिरोधक साधन निकटतम स्वास्थ्य इकाइयों पर उपलब्ध कराए जाएंगे। अंतरा और छाया की सेवाएं निकटतम उपकेंद्र व हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर प्राप्त हो सकेंगी। ऐसे केंद्र जिन पर प्रसव की सुविधा है, वहां पर पीपीआईयूसीडीकी सेवाएं दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि जिले में 77 ऐसी स्वास्थ्य इकाइयां चिन्हित की गई हैं, जहां पर यह सेवाएं जरूरतमंदों को दी जाएंगी। इसके लिए इन केंद्रों पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ आर के चैरिहा ने बताया कि जिले में ऐसे उपकेंद्र जहां पर प्रसव की सुविधा है, वहां पर पीपीआईयूसीडी की सेवाएं महिलाओं को देने के लिए एएनएम और कम्युनिटी हेल्थ आफिसर (सीएचओ) को “ईच वन-टीच वन” की तर्ज पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि परिवार नियोजन के अस्थाई साधन ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों तक पहुंचाने की दिशा में यह कदम कारगर साबित होगा। सबसे बड़ी बात जरूरतमंद महिला को अपने घर के निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर यह सेवाएं देने के लिए विभाग पूरी तरह से प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि शिवरामपुर (कर्वी) में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर व उपकेंद्र और पीएचसी में कुल 24 जगह पर अंतरा, छाया और पीपीआईयूसीडी की सेवाएं मिलेंगी। इसी प्रकार रामनगर में छह, मऊ में 16 और मानिकपुर में 15 इकाइयों पर अंतरा और छाया व पीपीआईयूसीडी की सेवाएं दी जाएंगी। पहाड़ी में 16 केंद्रों पर अंतरा, छाया और पीपीआआईयूसीडी की सेवाएं मिलेंगी। बताया कि
*ब्यूरो रिपोर्ट* अश्विनी कुमार श्रीवास्तव
*जनपद* चित्रकूट
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