राष्ट्रीय दैनिक कर्मभूमि अम्बेडकर नगर
अम्बेडकरनगर। ऑल आशा एवं आशा संगिनी कार्यकर्ता सेवा समिति की राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पा तिवारी ने उत्तर प्रदेश की लाखों आशा एवं आशा संगिनी कार्यकर्ताओं की ज्वलंत समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 10 अप्रैल 2026 तक बकाया मानदेय का भुगतान नहीं किया गया, तो पूरे प्रदेश में ‘दस्तक अभियान’ का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करेंगी।
पुष्पा तिवारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 का मानदेय लंबे समय से लंबित है, जिससे हजारों परिवारों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। उन्होंने कहा, “एक ओर सरकार ‘विकसित भारत’ का संकल्प ले रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर कार्य कर रही महिला कर्मियों को उनके श्रम का उचित पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है।”उन्होंने बताया कि विभाग की वादाखिलाफी से कार्यकर्ताओं में भारी रोष है और इस संबंध में मुख्यमंत्री तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के मिशन निदेशक को पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराया गया है। समिति की प्रमुख मांगें निश्चित मासिक मानदेय: प्रोत्साहन आधारित व्यवस्था समाप्त कर सम्मानजनक तय वेतन दिया जाए तथा राज्य कर्मचारी का दर्जा मिले। बकाया भुगतान की जांच: 2024-26 तक लंबित भुगतान की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए। DBT के माध्यम से भुगतान: समस्त भुगतान सीधे बैंक खातों में पारदर्शी तरीके से भेजा जाए, जिससे भ्रष्टाचार पर रोक लगे। समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि जैसे ही सभी कार्यकर्ताओं का बकाया भुगतान सुनिश्चित कर दिया जाएगा, वे तुरंत अपने कार्य पर लौट आएंगी।
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