संकोच छोड़ें, समय पर जांच कराएं, मेनोर्राजिया का इलाज संभव : डॉ.वंदना शर्मा

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) कानपुर मासिक धर्म के दौरान सामान्य से अधिक और लंबे समय तक रक्तस्राव होना महिलाओं में एक आम लेकिन गंभीर समस्या हो सकती है। चिकित्सा विज्ञान में इस स्थिति को मेनोर्राजिया कहा जाता है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ.वंदना शर्मा के अनुसार महिलाएं अक्सर इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देती हैं,जबकि समय पर जांच न कराने से यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है और शरीर में खून की कमी जैसी जटिलताएं पैदा कर सकती है।सात दिन से ज्यादा चले पीरियड्स तो रहें सतर्क डॉ. शर्मा बताती हैं कि यदि मासिक धर्म सात दिनों से अधिक समय तक बना रहे या हर एक-दो घंटे में पैड बदलने की जरूरत पड़ रही हो, तो यह सामान्य स्थिति नहीं है। इसके अलावा बड़े रक्त के थक्के निकलना, अत्यधिक कमजोरी महसूस होना, चक्कर आना और सांस फूलना भी मेनोर्राजिया के प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं।

बार-बार थकान और कमजोरी को न करें नजरअंदाजअत्यधिक रक्तस्राव के कारण शरीर में आयरन की कमी होने लगती है, जिससे एनीमिया का खतरा बढ़ जाता है। कई महिलाओं को सामान्य कामकाज के दौरान भी थकान,सुस्ती और कमजोरी महसूस होने लगती है। कुछ मामलों में हीमोग्लोबिन का स्तर काफी नीचे चला जाता है,जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

हार्मोनल गड़बड़ी से लेकर फाइब्रॉइड तक हो सकते हैं कारण

विशेषज्ञों के अनुसार मेनोर्राजिया के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें हार्मोनल असंतुलन, पीसीओएस, थायरॉइड विकार, गर्भाशय में फाइब्रॉइड, एंडोमेट्रियल पॉलीप और एडिनोमायोसिस प्रमुख हैं। कुछ मामलों में यह गर्भाशय से जुड़ी गंभीर बीमारियों का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। इसलिए सही कारण जानने के लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

संकोच छोड़ें, डॉक्टर से खुलकर करें बात

डॉ. वंदना शर्मा का कहना है कि कई महिलाएं शर्म, संकोच या जागरूकता की कमी के कारण अपनी समस्या किसी से साझा नहीं करतीं। वे महीनों तक अत्यधिक रक्तस्राव और दर्द सहन करती रहती हैं। इससे बीमारी बढ़ने के साथ उपचार भी जटिल हो सकता है। इसलिए किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।

संतुलित आहार और नियमित जांच है बचाव का मंत्र

महिलाओं को नियमित स्त्री रोग जांच करानी चाहिए। आयरन, फोलिक एसिड और प्रोटीन युक्त भोजन, हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल और पर्याप्त पानी का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। साथ ही पर्याप्त नींद, तनाव से दूरी और स्वस्थ दिनचर्या अपनाकर भी इस समस्या के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। समय पर जांच और उपचार से अधिकांश स्त्री रोग संबंधी समस्याओं का सफलतापूर्वक इलाज संभव है।

संवाददाता आकाश चौधरी कानपुर

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