भीषण गर्मी के बीच शुरू हुई पढ़ाई, बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल

राष्ट्रीय दैनिक कर्मभूमि अम्बेडकर नगर

अम्बेडकर नगर जिले में विद्यालयों की घंटियां एक बार फिर गूंजने लगीं। ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद छात्र-छात्राएं स्कूल पहुंचे तो परिसर में रौनक लौट आई, लेकिन भीषण गर्मी के बीच बच्चों की स्कूल वापसी ने अभिभावकों की चिंता भी बढ़ा दी है। लगातार ऊंचे तापमान और गर्म हवाओं के चलते कई अभिभावक बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर आशंकित हैं।
विद्यालय खुलने के पहले दिन प्रशासनिक अधिकारियों ने विभिन्न स्कूलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने बच्चों का स्वागत किया, उनसे बातचीत की और विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान पेयजल, स्वच्छता, शौचालय, रसोईघर और मध्याह्न भोजन व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने शिक्षकों को बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल और साफ-सुथरा वातावरण बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
स्कूलों में पढ़ाई शुरू होने से शिक्षा व्यवस्था पटरी पर लौटती दिखाई दी, लेकिन मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों ने अभिभावकों की चिंताओं को कम नहीं होने दिया। उनका कहना है कि सुबह से ही तेज धूप और उमस लोगों को बेहाल कर रही है। ऐसे में छोटे बच्चों का घर से स्कूल तक आना-जाना और कई घंटे विद्यालय में रहना उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
अभिभावकों का तर्क है कि यदि गर्मी की तीव्रता को देखते हुए पहले अवकाश बढ़ाया गया था, तो वर्तमान परिस्थितियों में भी बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका मानना है कि जब तक मौसम में पर्याप्त राहत नहीं मिलती, तब तक विद्यालयों के संचालन को लेकर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों ने प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि स्कूलों में पर्याप्त पेयजल, प्राथमिक उपचार की व्यवस्था और गर्मी से बचाव के जरूरी इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। साथ ही विद्यालयों के समय में बदलाव जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जाना चाहिए।
फिलहाल स्कूलों में बच्चों की वापसी से शैक्षणिक गतिविधियां फिर से शुरू हो गई हैं, लेकिन भीषण गर्मी के बीच नौनिहालों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर उठ रहे सवाल प्रशासन के सामने एक अहम चुनौती बनकर खड़े हैं।

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