उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र 18 फरवरी से पहले प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गयी हैं। विधानसभा के उप चुनाव के साथ विधान परिषद के दो चुनाव के बाद अब योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में विस्तार के साथ फेरबदल की बारी है। इसमें कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान के बाद कमल रानी वरुण के निधन से खाली सीट के भरने अलावा छह नये मंत्रियों को भी शपथ दिलाई जा सकती है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के दो दिन के प्रवास के साथ ही भाजपा उत्तर प्रदेश के प्रभारी राधामोहन सिंह की लगातार सक्रियता से ही योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में विस्तार की चर्चायें जोरों पर थीं। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की इस संबंध में बैठकें भी हो चुकी हैं
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के लखनऊ दौरे में भी योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल के विस्तार की चर्चा उनके सामने हुई थी। इसी बीच सीएम योगी आदित्यनाथ की 25 जनवरी को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ भेंट के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा ने गति पकड़ ली।
ऐसा माना जा रहा है कि चार फरवरी को योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। इसमें छह नये मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी जबकि कुछ का प्रमोशन भी होगा। योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट में मंत्री रहे चेतन चौहान तथा कमला रानी वरुण का निधन कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हो गया था। इसके कारण दो कैबिनेट मंत्रियों की जगह खाली हैं। नये चेहरों को भी कैबिनेट में मौका देने की तैयारी है। मंत्री पद के दावेदार विधायक दिल्ली दरबार में डेरा डाले हैं जबकि प्रदेश के नवनिर्वाचित विधान परिषद सदस्य अरविंद कुमार शर्मा का भी मंत्री बनना तय माना जा रहा है।
ऐसा माना जा रहा है कि सीएम योगी आसन्न विधानसभा चुनावों व पंचायत चुनावों को लेकर काफी व्यस्त रहेंगे।ऐसे में सत्ता संचालन की कमान अरविंद कुमार शर्मा के हाथों में हो सकती है।श्री शर्मा की धमक का अंदाजा उनको सीएम के 5 कालीदास मार्ग स्थित बंगले के ठीक बगल में बंगला आवंटन और रेल मंत्री पीयूष गोयल का उनके ग्रह जनपद मऊ को उनकी मांग मानने को लेकर ट्वीट करना वीआरएस लेने के अगले ही दिन
एमएलसी की घोषणा आदि बातों को लेकर सहज ही लगाया जा सकता है। उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव का उपयोग करते हुए उनको ग्रह व नियुक्ति विभाग की जिम्मेदारी भी सौंपी जा सकती है।बरहाल यह कहा जा सकता है कि अरविंद कुमार शर्मा के रूप में उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बड़े पावर सेंटर की स्थापना सुनिश्चित हो चुकी है।
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सरकार के संभवत: अंतिम बजट सत्र से पहले प्रदेश में राजनीति में हलचल तेज हो चुकी है। प्रदेश के योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल का विस्तार चार फरवरी को हो सकता है। उत्तर प्रदेश में 2022 फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव होंगे। इसके साथ ही मार्च या अप्रैल में पंचायत के भी चुनाव होने हैं। मंत्रिमंडल विस्तार में भी इस बात का ध्यान रखने की कोशिश की जाएगी।
रिपोर्टर सिद्धार्थ त्रिवेदी रायबरेली
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