उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) चित्रकूट। तीर्थक्षेत्र चित्रकूट में अडगा नाला मेन रोड स्थित शिवहरे धर्मशाला में चल रहा दो पक्षों का विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। कपिला पशु आहार के मालिक और शिवहरे धर्मशाला के वैधानिक अध्यक्ष सुरेन्द्र नाथ शिवहरे ने दूसरे पक्ष पर जबरिया धर्मशाला पर कब्जा करने एवं धर्मशाला स्थित कमरों का ताला तोडकर जबरिया धर्मशाला में घुस जाने का आरोप लगाया है । इसकी शिकायत उन्होंने सतना एसपी से की है और शिकायती पत्र की प्रतिलिपि थानाध्यक्ष नयागांव चित्रकूट को भी भेजकर दोषियों के विरूद्ध कडी कार्यवाही की मांग की है। एसपी को दिये पत्र में बताया कि श्री सर्व शिवहरे सप्त वर्गीय वैश्य समाज धर्मशाला समिति अडगडा नाला चित्रकूट जिला सतना मध्य प्रदेश में स्थित है । धर्मशाला के अन्दर ही भगवान पशुपति नाथ जी का पुराना प्राण प्रतिष्ठित मंदिर भी है और संस्था के बायलाज के अनुसार संस्था हर पांच वर्षों में अपनी कार्यकरिणी गठित करती है जिसके तहत वह वैधानिक रूप अध्यक्ष पद पर काबिज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौदहा जनपद हमीरपुर के रहने वाले पूर्व अध्यक्ष केशव बाबू शिवहरे ने दिन रविवार को अवैध रूप से एक बैठक बुलाई जो पूर्णतया संस्था के नियमों के विपरीत है इतना ही नहीं संस्था में कार्यरत कर्मचारियो को टेलीफोन द्वारा यह कहकर धमकाया कि बन्द कमरों का तुरन्त ताला तोडों अन्यथा की स्थिति में वह बन्द कमरों के तालों को खुद ही तोड डालेंगे। इस प्रकार उक्त व्यक्ति लम्बे समय से संस्था व बाहर के कुछ अन्य अराजकतत्वों से मिलकर धर्मशाला पर कब्जा करने की कोशिश निरंतर करता चला आ रहा है जबकि उनकी संस्था 20 वर्षों से रजिस्ट्रार आफ सोसाइटी में रजिस्टर्ड है और वर्तमान में अगले पांच सालों के लिये धार्मिक और समाजसेवा के कार्यों में लगी हुई है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से संस्था को पुलिस सुरक्षा देकर अराजकतत्वों के विरूद्ध कार्यवाही करने की मांग की है और अशंका जतायी है कि यदि पुलिस सुरक्षा न मिली तो शीध्र ही कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है। बताया कि इसके पूर्व रविवार को अवैधानिक रूप से उक्त व्यक्ति द्वारा कमरों का ताला तोड़ दिया गया व कमरों मंे रखा लाखों रूपये का सामान गायब कर दिया गया। उन्होंने बताया कि इसके पूर्व में वह उक्त व्यक्ति को उसके कदाचार पर 31 अक्टूबर 2021 एक नोटिस भी जारी कर चुके हैं कि वह अनाधिकृत रूप से अराजकतत्वों के लेकर धर्मशाला में बैठक न किया करें क्योंकि पूर्व में उक्त व्यक्ति द्वारा 30 से 40 बाहरी व्यक्तियों को बुलाकर भगवान पशुपति नाथ मंदिर के गेट पर कालिक पोतने का अभद्रनीय कार्य किया गया था जबकि इस तरह बैठकें बुलाने का अधिकार केवल वर्तमान अध्यक्ष को ही होता है और इन्हें पूर्व में सदस्य पद से भी निष्कासित किया जा चुका है। आरोप लगाया कि संस्था के बायलाज के विपरीत खुद स्वयंभू वर्तमान अध्यक्ष बनने के उद्देश्य से उक्त व्यक्ति द्वारा बैठक बुलाई गई और दबंगई से अध्यक्ष पद को भी हथियाने का प्रयास किया जा रहा है । उन्होंने बताया कि पुलिस एवं पुलिस अधीक्षक को सूचना देने के बाद भी पुलिस कोई कार्यवाही अभी तक नहीं कर रही है जिससे कि अराजकत्वों का हौसला बुलन्द है और वह किसी भी समय कोई गम्भीर बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि रविवार 14 नवम्बर 2021 की अवैधानिक बैठक में केशव बाबू शिवहरे के साथ शिवदास, महादेव, देवेन्द्र, प्रकाश शिवहरे, श्यामलाल, राजकुमार, नन्द किशोर आदि मौजूद रहे।
*ब्यूरो रिपोर्ट* अश्विनी कुमार श्रीवास्तव
*जनपद* चित्रकूट
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