राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) चित्रकूट। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व कुंवर बहादुर सिंह की अध्यक्षता में जिला तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ टीम की बैठक जिला कलेक्ट्रेट सभागार मे सम्पन्न हुई। चित्रकूट को तम्बाकू मुक्त करने के लिए राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत जिला स्तरीय स्टेक होल्डर कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ भूपेश द्विवेदी ने कार्यशाला में आए हुए समस्त विभागाध्यक्षो का स्वागत किया। उप जिलाधिकारी रामजनम यादव ने बताया कि कोटपा अधिनियम को पूरी तरह से अनुपालन कराने के लिए हम सभी विभागों को एक साथ मिलकर कार्य करना होगा। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि सभी सार्वजनिक स्थानो पर तम्बाकू, धूम्रपान करना कोटपा अधिनियम के तरह अपराध की श्रेणी में आता है जिले के सभी सार्वजनिक स्थानों पर कोई भी व्यक्ति यदि धूम्रपान करता हुआ पाया जाता है तो उस व्यक्ति पर जुर्मना 200 तक किया जा सकता है। इसी क्रम में सभी शैक्षिक संस्थान तम्बाकू मुक्त घोषित हो। जिससे हमारे आने वाली नई पीढी तम्बाकू जैस नशे से हमेशा के लिए मुक्त हो सके। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ भूपेश द्विवेदी जिसमें सभी विभागाध्यक्षो को बताया कि कोटपा अधिनियम 2003 को कैसे अनुपालन किया जाए। जिससे चित्रकूट जिला तम्बाकू मुक्त हो सके। उन्होंने कहा कि आप सभी जानते है प्रतिदिन करीब 5500 युवा तम्बाकू का सेवन कर रहा है। साथ ही हमारे आने वाले नवजात शिशु भी इस से बच नहीं पा रहा है। नशा हमारी युवा पीढी को अपने गिरफ्त में लेता जा रहा है जिससे वह मानसिक और शारीरिक रूप से अपंग होते जा रहे है।
नोडल अधिकारी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ इम्तियाज अहमद ने समस्त उपस्थित जिले के समस्त विभागाध्यक्षो को कोटपा अधिनियम 2003 के बारे में बताते हुए कहा कि तम्बाकू से होने वाल बीमारियों मे से प्रमुख रूप से मुख का कैंसर और शरीर में होने वाले हानियों के बारे में विस्तार से बताया तथा तम्बाकू के दुष्प्रभावों की जानकारी दी और इसको रोकने के लिए हम सभी को आगे आना होगा। जिससे हम सभी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। पुनीत श्रीवास्तव रीजनल कोआर्डिनेटर उप्र हेल्थ एसोसिएशन ने सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम कोटपा 2003 की विस्तृत जानकारी दी। उन्होनें बताया कि कोटपा अधिनियम की धारा 4 में जिले के सार्वजनिक स्थानों को तम्बाकू मुक्त घोषित करने के लिए साइनेज लगाना अनिवार्य है। समस्त स्वास्थ्य इकाइयों के समस्त प्रवेश द्वारो पर धारा 4 का साइनेज कोटपा अधिनियम का अनुपालन किया जाए। इसी प्रकार धारा 6 बी के तहत के प्रवेश द्वार पर भी तम्बाकू मुक्त का लगाना अनिवार्य है। साथ ही स्कूल के 100 गज के अन्दर तम्बाकू उत्पाद बेचना प्रतिबंधित है। इसी प्रकार धारा 6 ए में 18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति को तम्बाकू बेचना या उसके द्वारा तम्बाकू बेचना दोनो ही अपराध माना जाता है। इस अपराध में 200 रूपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। धारा 7 के अन्तर्गत बिना वैधानिक चेतावनी के तम्बाकू उत्पाद नही बेचा जा सकता है। उन्होने धारा 5 और 7 के बारे में भी पूरी जानकारी दी। इस अवसर पर समस्त विभागाध्यक्ष, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं चिकित्सा अधीक्षक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।
*ब्यूरो रिपोर्ट* अश्विनी कुमार श्रीवास्तव
*जनपद* चित्रकूट
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